पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में ईसाई व्यक्ति को मृत्युदंड का ऐलान

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लाहौर। पूर्वी पाकिस्तान की एक अदालत ने ईशनिंदा के आरोप में एक ईसाई व्यक्ति को मृत्युदंड की सजा सुनायी। नदीम जेम्स नमक एक ईसाई व्यक्ति पर आरोप था कि उसने जुलाई 2016 में वाट्सऐप पर एक कविता भेजी जिसमें पैगंबर मुहम्मद का अपमान किया गया है। इस्लाम धर्म और पैगम्बर मुहम्मद के लिए अपमानजनक संदेश भेजने के जुर्म में यह सजा सुनाई गयी।

इस घटना के बाद नदीम जेम्स पंजाब प्रांत के सारा ए आलमगीर कस्बे में गुस्साई भीड़ से बचने के लिए अपने घर से भाग गया था लेकिन बाद में उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। उसकी सुनवाई सुरक्षा कारणों से जेल में एक साल से अधिक समय तक चली। यह जेल लाहौर से करीब 200 किलोमीटर दूर है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में ईशनिंदा एक कानूनी अपराध है। वहां रह रहे गैर इस्लामिक अल्पसंख्यकों पर ऐसे तमाम केस दर्ज किए गए हैं। एक ऐसा ही मामला पिछले साल अप्रैल में सामने आया था जब पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में अब्दुल वली खान विश्वविद्यालय के छात्र मशाल खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

जेम्स के वकील ने कहा कि वो हाई कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मुवक्किल बेगुनाह है। इस फैसले के खिलाफ वह लाहौर हाई कोर्ट में अपील दायर करेंगे। उनका यह भी कहना है कि मेरे मुवक्किल को एक मुस्लिम लड़की से प्रेमप्रसंग के चलते फंसाया गया है।

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