फर्जी बाबाओं की सूची जारी, आसाराम बापू सहित 14 के नाम शामिल

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नई दिल्ली: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने धर्म को व्यवसाय बनाने वाले फर्जी बाबाओं की सूची जारी की है। इसके साथ ही परिषद् ने ‘संत’ की उपाधि देने के लिए एक प्रक्रिया तय करने का फैसला किया है ताकि गुरमीत राम रहीम सिंह जैसे लोगों को इसका गलत इस्तेमाल करने से रोका जाए।

जिन १४ फर्जी बाबाओं के नाम की सूची अखाड़ा परिषद् ने जारी किया है उनके नाम हैं – आसाराम बापू उर्फ आशुमल शिरमलानी, सुखविंद्र कौर उर्फ राधे मां, सच्चिदानंद गिरि उर्फ सचिन दत्ता, गुरमीत सिंह राम रहीम, ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ निर्मलप्रीत सिंह, इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ऊं नम: शिवाय बाबा, नारायण साईं, राम पाल, कुशि मुनि, बृहस्पति गिरि और मलखान गिरि।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप), जो अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् के साथ मिलकर काम करता है, के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि संतों के बीच यह भावना है कि एक या दो धार्मिक नेताओं के गलत कामों की वजह से पूरे समुदाय की छवि को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है। जैन ने कहा कि अब से किसी व्यक्ति की पड़ताल करने और उसका आकलन करने के बाद ही संत की उपाधि प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह उपाधि देने से पहले अखाड़ा परिषद यह भी देखेगी कि व्यक्ति की जीवनशैली किस तरह की है साथ ही एक संत के पास नकदी या उसके नाम पर कोई संपत्ति तो नहीं है। संपत्ति और नकदी जैसी सभी चीजें न्यास की होनी चाहिए और इसका बड़े पैमाने पर लोगों के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। जैन ने कहा कि लोगों को किसी का अनुयायी बनने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लेनी चाहिए।

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