अमर्त्य सेन पर बनी डाक्यूमेंट्री सैन्सर की कैंची में फंसी

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नई दिल्ली – अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन पर बनी डाक्यूमेंट्री में ‘गाय’ और ‘गुजरात’ शब्द के इस्तेमाल पर केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने आपत्ति जताई है। सीबीएफसी ने यह डाक्यूमेंट्री बनाने वाले अर्थशास्त्री और फिल्मकार सुमन घोष को इसमें गाय सहित चार शब्दों को म्यूट करने का निर्देश दिया है। निर्देशक सुमन घोष ने 15 सालों की मेहनत के बाद इस डाक्यूमेंट्री को बनाया है।

‘द आर्गयूमेंटेटिव इंडियन’ नाम की इस डाक्यूमेंट्री में जिन चार शब्दों को म्यूट करने के लिए कहा है वे हैं ‘गुजरात’, ‘गाय’, ‘हिंदुत्व व्यू ऑफ इंडिया’ और ‘हिन्दू इंडिया’। निर्देशक सुमन घोष ने कहा, ‘सीबीएफसी के कोलकाता स्थित क्षेत्रीय कायार्लय में तीन घंटों तक मैं रहा, जहां मेरी डाक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग हुई और बोर्ड के सदस्यों ने प्रत्येक शॉट को देखा। इसके बाद मुझे कल रात मौखिक रूप से इन चार शब्दों को म्यूट करने के लिए कहा गया।’

उन्होंने कहा, मैंने इसमें अपनी असमर्थता जताई।’ निर्देशक सुमन घोष का कहना है कि अमर्त्य सेन और साक्षात्कारकर्ता अर्थशास्त्री कौशिक बसु के बीच हुई बातचीत के दौरान इस्तेमाल किए गए इन शब्दों को हटा देने से डाक्यूमेंट्री की जान ही निकल जाएगी। उन्होंने कहा, मैं उनके लिखित संदेश का इंतजार कर रहा हूं और देख रहा हूं कि क्या वे फिल्म को रिव्यू समिति के पास भेजेंगे। लेकिन किसी भी स्थिति में मेरा जवाब नहीं ही होगा।

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