टेस्ला की बैटरी से होगा 3000 घरों में उजाला

0
103

नई दिल्ली – फ्रांस की उर्जा सेवा कंपनी नियोइन की भागीदारी में दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में दुनिया की सबसे बड़े लिथियम आयन बैटरी की अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गज टेस्ला स्थापना करेगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह पुष्टि की।

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक नियोइन के हार्न्सडेट वाइंड फार्म से प्राप्त ऊर्जा को यह बैटरी स्टोर करेगी। यह 100 मेगावॉट क्षमता वाली बैटरी नवीनीकृत ऊर्जा से चौबीसो घंटे उपलब्ध कराएगी, और अपातकाल के दौरान बैकअप की सुविधा भी देगी। एक प्रेस वार्ता में टेस्ला के संस्थापक इलोन मस्क ने कहा, अपनी जरूरत के मुताबिक आप जब आपके पास अतिरिक्त ऊर्जा हो और ऊर्जा उत्पादन की लागत काफी कम हो, इस बैटरी को चार्ज कर सकते हैं, और इससे उस वक्त ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं, जब उसके उत्पादन की लागत अधिक हो। इससे अंतत: उपभोक्ताओं को भी लाभ होगा।

मस्क ने कहा कि टेस्ला की भविष्य की बैटरियां वर्तमान बैटरियों की तुलना में तीन गुणा अधिक शक्तिशाली होगी, जिनकी क्षमता फिलहाल 30 मेगावॉट है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने मार्च में 50 करोड़़ डॉलर के स्वच्छ ऊर्जा परियोजना की घोषणा की थी, जिसमें गैस फायर्ड संयंत्र और बैटरियों की स्थापना शामिल है। टेस्ला को बड़ी बैटरियां बनाने का कांट्रेक्ट मिला है। उन्हें 100 दिन के भीतर 100 मेगावाट की बैटरियां बनाने का टारगेट दिया गया है। मस्क ने बताया कि बैटरी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह 3000 घरों को बिजली दे सकती है। मस्क ने यह भी बताया कि अगर इस कॉन्ट्रैक्ट को पूरा कर पाने में सफल नहीं होते हैं तो उसे 50 मिलियन डॉलर का नुकसान होगा क्योंकि इस स्थिति मे टेस्ला को ये बैटरियां फ्री में देनी पड़ेंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here