उत्तराखंड में कांग्रेस की जड़ें उखाड़ने को BJP ने बिछाई अब ये बिसाद

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भाजपा हाईकमान ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रकाश पंत और पूर्व विधायक और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सुबोध उनियाल को भाजपा राष्ट्रीय परिषद में शामिल कर लिया है। केरल कोझीकोड में आयोजित राष्ट्रीय परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया।
भाजपा राष्ट्रीय परिषद की तीन दिवसीय बैठक के दूसरे दिन पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। फोन पर हुई बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रकाश पंत और सुबोध उनियाल को राष्ट्रीय परिषद में शामिल कर लिया है।
इस बारे में जब प्रकाश पंत और सुबोध उनियाल से बातचीत की गई तो दोनों ने कहा कि पार्टी ने जो दायित्व सौंपा है, उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि भाजपा राष्ट्रीय परिषद में पंत और उनियाल के नाम जुड़ने के बाद इसमें उत्तराखंड के सदस्यों की संख्या 25 से बढ़कर 27 हो गई है।
केरल के कोझीकोड में भाजपा राष्ट्रीय परिषद की बैठक वैसे तो गरीब समर्थक व्यापक एजेंडे और उरी आतंकी हमले के मद्देनजर पाकिस्तान से निपटने की भविष्य की रणनीति को अंतिम आकार देने के लिए हो रही है। पर इन सबके केंद्र में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव भी हैं।
यही वजह है कि आलाकमान ने पूर्व विधानसभाध्यक्ष प्रकाश पंत और पूर्व विधायक सुबोध उनियाल को राष्ट्रीय परिषद में जगह देकर कुमाऊं और गढ़वाल वाद को खत्म करने की कोशिश की है, वहीं कांग्रेस का हाथ छोड़कर कमल थामने वाले विधायकों को आश्वस्त किया है कि उनके राजनीतिक हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
परिषद की बैठक के दूसरे दिन विभिन्न राज्यों की रिपोर्टिंग हुई। इस दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब की रिपोर्टिंग संयुक्त संगठन महासचिव शिवप्रकाश ने ली। बैठक में इलाहाबाद में हुई कार्यकारिणी के दौरान संगठन के स्तर पर तय किए गए लक्ष्य की समीक्षा भी हुई।
खासतौर पर बूथ स्तर पर समितियों के गठन की वर्तमान स्थिति पर चर्चा के बाद इसकी पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी गई। इसी के बाद प्रकाश पंत और सुबोध उनियाल को राष्ट्रीय परिषद में शामिल होने की खबर आई। खबर की पुष्टि होते ही इसके राजनीतिक निहितार्थ निकाले जाने लगे।
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो पार्टी ने प्रकाश पंत को यह जिम्मेदारी देकर कुमाऊं क्षेत्र में कांग्रेस पर बढ़त लेने की कोशिश की है। वहीं सुबोध उनियाल को शामिल करके एक ओर गढ़वाल को खुश किया है तो दूसरी ओर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दस पूर्व विधायकों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनका भाजपा में शामिल होने का फैसला गलत नहीं है।
इनमें से पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत को पार्टी पहले ही संगठन में अहम पद दे चुकी है। हालांकि प्रकाश पंत को जिम्मेदारी के पीछे कुछ लोग इसे पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी से जोड़कर देख रहे हैं। जो भी हो, पार्टी ने दोनों को दायित्व सौंपकर उन्हें आगामी चुनाव में उनकी अहमियत और जिम्मेदारी की याद दिला दी है।

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