कांग्रेस ने मोदी सरकार पर दूरसंचार घोटाला का आरोप लगाया

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कांग्रेस ने मोदी सरकार पर 45 हजार करोड़ रूपए के दूर संचार घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है. मार्च में आई सीएजी रिपोर्ट के हवाले से लगाए गए इस आरोप में कहा गया है कि छह दूरसंचार कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए यह घोटाला किया गया है.
इन कंपनियों में एयरटेल और वोडाफोन के भी नाम लिए गए हैं. अवकाश के दिन कांग्रेस मुख्यालय में रखी गई विशेष प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सीएजी की 11 मार्च 2016 की रिपोर्ट के अनुसार देश की छह प्रमुख दूरसंचार कंपनियों ने अपनी आय कम बताई है. जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रूपए का नुकसान हुआ है.
उन्होंने बताया कि इन छह कंपनियों में भारती एयरटेल, वोडाफोन, रिलायंस, टाटा, आइडिया और एयरसेल शामिल हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सीएजी ने इन कंपनियों के खातों का ऑडिट किया था.
इन कंपनियां के कोर्ट जाने पर इस दलील को खारिज कर दिया गया था कि निजी कंपनियां होने के कारण उनके खातों की जांच सीएजी नहीं कर सकता. कोर्ट ने इसे लाइसेंस और स्पेक्ट्रम शुल्क से जुड़ा मामला करार दिया था. उन्होंने बताया कि यह पैसा सरकारी खजाने में जाता है, इसलिए सीएजी इसकी जांच कर सकता है.
सुरजेवाला ने कहा कि यह घोटाला 2006 से 2009 के बीच का है. कांग्रेस नेता ने कहा कि इस आय को छिपाने पर सरकार को दूरसंचार कंपनियों से बकाया राशि की वसूली की जानी चाहिए थी और उन पर जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए था.
उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा नहीं किया और उल्टा उन्हें फायदा पहुंचाया और अब उनका बचाव कर रही है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार इन कंपनियों ने 2006-07 से 2009-10 तक अपनी आय वास्तविक आय से 46,045 हजार करोड़ रूपए कम बताई है और उसने इन कंपनियों से 12488 करोड़ 93 लाख रूपए लाइसेंस, स्पेक्ट्रम और दूसरे शुल्क के रूप में वसूलने को कहा था.

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