अलग राज्य की मांग करने वाले महाराष्ट्र के महाधिवक्ता ने दिया इस्तीफा

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अलग विदर्भ राज्य की मांग करके चौतरफा फंसे राज्य के महाधिवक्ता श्रीहरि अणे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आज सुबह अपना इस्तीफा राज्यपाल के विद्यासागर राव को सौंप दिया। हालांकि अभी उसे स्वीकार किया गया नहीं इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

बता दें कि महाराष्ट्र के महाधिवक्ता श्रीहरि अणे ने मराठवाड़ा को अलग राज्य बनाने की मांग की थी। जिसके बाद महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई। राज्य सरकार में शामिल शिवसेना सहित विपक्षी दल कांग्रेस और एनसीपी ने अणे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया ‌था। विपक्ष ने अणे के बयान को लेकर सोमवार को विधानसभा और विधान परिषद में कामकाज नहीं होने दिया।

वहीं, शिवसेना भी उनके खिलाफ खुलकर सामने आ गई और शिवसेना के मंत्रियों ने अणे को पद से हटाए बिना कैबिनेट की बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। इस हंगामे के बाद भाजपा के एक नेता ने बताया था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अणे को अपना पद छोड़ने के लिए कह सकते हैं।
शिवसेना ने श्रीहरि अणे को महाराष्ट्र का ओवैसी बताते हुए कहा है कि जिस तरह से एमआईएम के औवैसी बंधु देश के टुकड़े करने का प्रयास कर रहे हैं, उसी तरह राज्य के महाधिवक्ता महाराष्ट्र के टुकड़े करने की बयानबाजी कर रह रहे हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल एवं एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ने अणे को निलंबित किए जाने की मांग की थी।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि अणे को पदमुक्त किए जाने तक सदन नहीं चलने देंगे। अणे इससे पहले विदर्भ को अलग राज्य बनाने के लिए जनमत संग्रह कराए जाने की मांग कर चुके हैं। हालांकि उनके उस बयान पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उस समय उनका बचाव करते हुए कहा था कि अलग राज्य के गठन का अधिकार संसद और केंद्र सरकार का है, इसलिए उन्हें त्यागपत्र देने की जरूरत नहीं है।

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