पाकिस्तान से डरता है भारत, PCB के पीछे-पीछे आएगा BCCI: मियांदाद

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पूर्व पाकिस्तानी कप्तान जावेद मियांदाद ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि यह दरअसल सरकार के इशारों पर चलने वाला बोर्ड है जो हुक्मरानों की अनुमति से फैसला लेता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों को बहाल करने के संबंध में बीसीसीआई के रवैये से नाराज मियांदाद ने भारतीय बोर्ड के सचिव अनुराग ठाकुर के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि बीसीसीआई अपनी सरकार से निर्देश लेकर काम करता है। मियांदाद ने कहा, ‘बीसीसीआई क्रिकेट बोर्ड नहीं है यह तो सरकार का बोर्ड है।’
पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने कहा, ‘भारत का अन्य क्रिकेट देशों के साथ काफी खराब रवैया है और यह उसके पतन की शुरुआत है। वह दिन दूर नहीं जब भारत खुद पाकिस्तान के साथ सीरीज खेलने के लिए आग्रह करेगा। एक बात तो साफ है कि न ही बीसीसीआई और न ही सरकार, पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों की बहाली के लिए संजीदा है।’
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष शहरयार खान हाल में भारत दौरे पर गए थे जहां उन्हें बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर से द्विपक्षीय सीरीज को लेकर बातचीत करनी थी लेकिन यह बातचीत हो नहीं पाई और शहरयार को निराश स्वदेश लौटना पड़ा। बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच क्रिकेट संभव नहीं है।
58 वर्षीय मियांदाद ने साथ ही दुनिया के शीर्ष तीन क्रिकेट बोर्ड भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की सारी क्रिकेट ताकत अपने हाथ में रखने पर आलोचना करते हुए कहा, ‘इन तीन ‘बिग थ्री’ के बनने से पहले आईसीसी सभी देशों के लिये 10 साल का फ्यूचर टूर कार्यक्रम बनाता था लेकिन अब ये तीन फैसला करते हैं कि अन्य बोर्ड को क्या करना है जो वाकई शर्मनाक है।’
पाकिस्तान के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक मियांदाद ने कहा कि जब लगातार अंतराल पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज होती है तो भारत और पाकिस्तान के बीच में सीरीज क्यों नहीं होती। उन्होंने कहा, ‘भारत ही हमारे साथ नहीं खेलना चाहता क्योंकि वे पाकिस्तान से हारने से डरते हैं।’
मियांदाद ने साथ ही जोर दिया कि पाकिस्तान को अगले साल भारत की मेजबानी में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर पीसीबी के लिए सम्मान मायने रखता है तो उन्हें वर्ल्ड कप के लिए टीम नहीं भेजनी चाहिए। यह हमारे देश की इज्जत का सवाल है जिसका भारत सम्मान नहीं करता है।’

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